हमारे विवाह के पश्चात जैसे-जैसे समय बीतता गया मुझे उसके बारे में बहुत सी बातें पता चलती गयी |
उसकी ऐसी हरकते ही हमारे बीच व्यावहारिक भिन्नता दर्शाती थी |
मेरी पत्नी की बहिन ने मेरी पत्नी को ऐसा बोला था कि, अगर मेरी पत्नी मुझे से कुछ मांगे और मैं उसे वह वस्तु नहीं दू तब मेरी पत्नी मुझे उसको छूने न दे अर्थात मेरी पत्नी की बहिन की यह सोच थी कि, मेरी पत्नी मुझे उसके साथ सम्भोग नहीं करने देगी तो मैं उसकी हर बात मान लूँगा मतलब वो जैसा कहेगी वैसा करुँगा परन्तु वह गलत थी क्योंकि मुझे सम्भोग की लत नहीं थी |
मेरी पत्नी गर्भवती होने से पहले तक किसी व्यवसायिक प्रतिष्ठान में कार्यरत थी जहां उसे लगभग 2400/- महिना पगार मिलती थी |
परन्तु मुझे याद नहीं कि उसने कभी घर के लिए एक पैसा खर्च किया या कुछ खरीदा ही हो | उसके सरे खर्चो का वहन के साथ साथ घर के सम्पूर्ण खर्चो का वहन भी मैं ही करता था |
यहाँ तक की उसके बीमे की किस्तों का भुगतान भी मैं ही करता था |
वह मुझसे हमेशा सोने के आभूषण माँगा करती थी इसके लिए मैंने उसे मेरे पास का सारा सोना दे दिया यहाँ तक कि, उसने मेरी सोने की चेन, अंगूठियाँ अपनी बहनों के लॉकर में मुझे बिना बताये रखवा दिया था |
वह हर हफ्ते अपनी बहन और अन्य रिश्तेदारों से मिलना चाहती थी लेकिन मेरे रिश्तेदारों के घर जाने के लिए वो कभी तैयार नहीं होती थी | यहां तक कि, जब हम मेरे रिश्तेदारों के घर किसी समारोह में जाते हैं, तो वह कहीं कोने में बैठ जाती है और किसी से बात करने से मना कर देती है |
वह हमेशा अपने रिश्तेदारों को घर आने के लिए आमंत्रित करती थी, और उसके सभी रिश्तेदार बेशर्मी से आकर रुक जाते थे और उसका बेरोजगार भाई हर रोज सिर्फ भोजन के लिए घर आता था | लेकिन उसने मुझे कभी भी मेरे रिश्तेदारों को घर आमंत्रित करने की अनुमति नहीं दी यहां तक कि, उसने मेरे मुँह पर सीधे बोला कि, वह मेरे रिश्तेदारों के लिए भोजन नहीं बनाएगी |
वह हमेशा चाहती थी कि मैं उसके रिश्तेदारों को उनके जन्मदिन और अन्य उत्सवों पर बधाई सन्देश भेजू परन्तु उसने आजतक मेरे किसी भी मेरे किसी भी रिश्तेदारों को फोन तो दूर बात तक नहीं की |
जैसा कि मैंने पहले बताया कि, उसका भाई बेरोजगार था पर वह कभी कभी वेटर के रूप में काम करता था एक दिन वह हमारे घर आया और मुझ से 5000/- रुपये यह बोल कर मांगने लगा कि वो ये रुपये एक महीने में लौटा देगा |
तब मैंने उसको रुपये दे दिए पर मैंने उससे वो रुपये वापिस करने का बोलकर कभी परेशांन नहीं किया क्योंकि यदि में ऐसा बोलता तो मेरी पत्नी को मुझ पर ही गुस्सा करती |
मेरी पत्नी को टीवी देखने की बहुत ज्यादा लत थी |
यदि में बीबीसी पर कोई खबर देख रहा हू या सप्ताहांत पर कोई फिल्म देख रहा हू तब वह मुझ से अपने हिंदी धारावाहिकों को देखने के लिए लड़ने लगती जिनमे ज्यादातर पारिवारिक समस्याएं, विवाह पूर्व और विवाहेतर संबंध और प्रेम कहानियां दिखाते हैं |
मुझे यहाँ यह समझाने की जरूरत नहीं है कि भारतीय महिलाएं क्या देखती हैं और ज्यादातर क्या पसंद करती हैं |