दहेज कानून द्वारा पीड़ित पुरुष की आत्मकथा

कानूनी आतंकवाद के साथ मेरा संघर्ष

कौन हूं मैं …?

मैंने अपने आप से पूछा… सबसे पहले, मैं एक भारतीय नागरिक हूं | एक पुरुष | दहेज कानून (IPC 498A) का शिकार होने के लिए इतना काफी है? किसी पुरुष को भारतीय नागरिक होने की आवश्यकता नहीं है, आप कोई भी हो सकते हैं, जो…

मेरे बारे में

मेरा जन्म बम्बई में हुआ था, लेकिन मैं  मैंगलोर से पचास किलोमीटर दूर एक छोटे से कस्बे करकला में पला-बढ़ा और मैंगलोर विश्वविद्यालय से कॉलेज की डिग्री हासिल की | मैं मेरे पिता के तीन बच्चों में से एक हूँ, हमारी कोई बहनें नहीं हैं…

उसके बारे में

यह कहा जा सकता है कि, मेरा विवाह निरर्थक था क्योंकि उसमे दांपत्य जीवन के उद्देश्यों का आभाव था  | यह एक माता पिता द्वारा तय किया गया विवाह था | मेरी मां बहन ने बताया था कि, वह उन्हें बहुत अच्छी तरह जानती हैं…

अतीत के बारे में बताने के लिए कुछ नहीं ….

हमारी सगाई के बाद वह और उसका परिवार मेरे पैतृक घर आए | मैं उसे अपने खेत(कृषि भूमि) दिखाने के लिए ले गया | उस समय, मैंने उसके बारे में बहुत सी बातें पूछीं क्योंकि वह पहली बार था जब हम एक साथ मिले और…

मैं दहेज कानून का शिकार क्यों हूँ ?

मैं दहेज कानून का शिकार क्यों हूं | सम्पूर्ण जगत में सरकारें अपराधियों और कानून तोड़ने वालों को दंडित करने के लिए कानून बनाती हैं लेकिन भारत ऐसा देश है जहां कनूनों का निर्माण एक व्यवसाय है जिसका इस्तेमाल वकीलों के लिए नौकरी के अवसर…

क्या गलत हुआ……

हमने अपने पैतृक स्थान मैंगलोर में विवाह किया और लगभग एक हफ्ते के बाद मैं बॉम्बे में जहाँ काम कर रहा था वहां वापस आ गया | फिर मैं उसे जानने की कोशिश करने लगा | उसको खाना बनाना नहीं आता था न ही वह…

यह सब कैसे प्रारम्भ हुआ

हमारे यहाँ ऐसा रीती रिवाज है कि, विवाह के पश्चात नवविवाहित जोड़े को खाने पर आमंत्रित किया जाता है | इसलिए हमारे विवाह के बाद जब हम हमारे पैतृक स्थान पर थे तब हमारे कई  पारिवारिक जान पहचान वालो द्वारा खाने पर आमंत्रित किया गया…

अंत की शुरुआत

जैसा कि मैंने पहले लिखा था कि, यह मेरे विवाह टूटने का आरम्भ नहीं था परन्तु कभी कभी मुझे लगता है कि विवाह के पश्चात से ही यह सब प्रारम्भ हो चूका था | विवाह के कुछ दिनों पश्चात जब हम अपने पैतृक स्थान पर…

मुझे पैसे दो, मैं शराब लाऊंगी

शादी के दो महीने बाद हम कैसे हैं, यह देखने के लिए मेरी पत्नी के पिता बॉम्बे आए | मेरी पत्नी पहले से ही हमारे निजी जीवन की पल पल की खबर उसके मयकेवालो को दे रही थी | मेरी पत्नी की बहन को भी…

मुझे तलाक दे दो

क्या किसी ने ऐसा देखा है कि, कोई भारतीय महिला विवाह के दो हफ्ते बाद विवाह विच्छेद करने की मांग करने लगे | मैंने उसको कुछ कहा नहीं न ही उसे मैंने किसी प्रकार का मार्गदर्शन या सलाह दी पर वह इस तरह से बर्ताव…

Copyright © 2026 दहेज कानून द्वारा पीड़ित पुरुष की आत्मकथा