दहेज कानून द्वारा पीड़ित पुरुष की आत्मकथा

कानूनी आतंकवाद के साथ मेरा संघर्ष

11 सितंबर (9/11)

11 सितंबर का दिन कई लोगों के लिए मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और दुनिया के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन है और यह मेरे लिए भी एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन है |

कैसे ? आप यह पूछ सकते हैं |

जैसा कि, आप जानते हैं 9/11 को हुए हादसे ने कई जिंदगियों और परिवारों को बर्बाद कर दिया था |और यह सीधे मुझसे भी जुड़ा | क्योंकि उसी दिन मेरी पत्नी का  जन्मदिन भी है |

मेरी पत्नी के पहले जन्मदिन के अवसर पर मैंने कई योजना बनाई थी जिसमे उसको कुछ आश्चर्यजनक उपहार देना आदि भी शामिल था |

मैंने इसके बारे में 10 सितंबर तक सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से सोच रखा था | लेकिन दुर्भाग्य से मैं उसी दिन भूल गया और हमेशा की तरह ऑफिस चला गया |

जैसा कि, किसी ने कहा है “पत्नी का जन्मदिवस याद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि, एक बार जन्मदिवस भूल जाओ ” और मेरे साथ भी जाने अनजाने वही हुआ और मैं उसका पहला बर्थडे भूल गया |

जब मैं ऑफिस पहुंचा तब उसके भाई ने मुझे फोन किया क्योंकि तब हमारे पास घर पर टेलीफोन नहीं था और उसने पूछा कि, उसकी बहन कैसी है ?

मैंने कहा वह ठीक है पर यह तुम क्यों पूछ रहे हो |

तब उसने कहा आज कुछ खास बात है ?

तब मैंने कहा नहीं क्या खास है आज ?

उसने कहा कि, आज उसकी बहन का जन्मदिन है |

यह बोलकर उसने मुझ पर एटम बम गिराया |

मैं सचमुच भूल गया था और काम में व्यस्त हो गया था |

लेकिन उसका भाई यहीं नहीं रुका, उसने उसके परिवार के सभी लोगों को फोन किया और कहा कि मैं मेरी पत्नी का पहला जन्मदिन एक साथ भूल गया |

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